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September 26, 2026

Doon Daily News

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दिल्ली के बाद मसूरी पालिका को मिली बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, मामले की जांच शुरू

मसूरी नगर पालिका को मिली बम से उड़ाने की धमकी, कथित खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से आया ई-मेल, पालिका परिसर की बढ़ाई गई निगरानी

मसूरी: दिल्ली महापौर कार्यालय को लगातार मिल रहीं बम से उड़ाने की धमकियों के बाद पहाड़ों की रानी मसूरी में भी हड़कंप मचा हुआ है. मसूरी नगर पालिका परिषद को ई-मेल के माध्यम से बम विस्फोट की धमकी मिली. धमकी भरे मेल में नगर पालिका कार्यालय को बम से उड़ाने की बात कही गई है. साथ ही उत्तराखंड के कई धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों और महत्वपूर्ण स्थानों का भी उल्लेख किया गया है. धमकी मिलने के बाद पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है.

आधिकारिक ई-मेल आईडी पर मिला संदिग्ध मेल: जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका परिषद मसूरी और उप जिलाधिकारी कार्यालय के आधिकारिक ई-मेल पते पर एक संदिग्ध मेल मिला है. मेल कथित रूप से खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजा गया है. जिसमें नगर पालिका कार्यालय, देहरादून और दिल्ली के कुछ महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है.

धमकी भरे मेल से मचा हड़कंप: ई-मेल में आपत्तिजनक और उकसाऊ भाषा का प्रयोग करते हुए कई स्थानों पर विस्फोट करने की धमकी दी गई है. मेल में मसूरी नगर पालिका कार्यालय का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बन गई.

सुरक्षा एजेंसियों के खड़े हुए कान: उधर, बम से उड़ाने की धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी. नगर पालिका कार्यालय के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. वहीं, पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाते हुए जांच शुरू कर दी है.

“मसूरी नगर पालिका से संबंधित एक ई-मेल प्राप्त हुआ है. जिसमें बम विस्फोट की धमकी दी गई है. सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक कदम उठाए गए हैं और नगर पालिका परिसर समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है.“- देवेंद्र चौहान, कोतवाल, मसूरी

“धमकी भरे मेल की सत्यता और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है. साइबर विशेषज्ञों और संबंधित एजेंसियों की मदद से ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है.“- देवेंद्र चौहान, कोतवाल, मसूरी

साइबर जांच एजेंसियां भी सक्रिय: प्रारंभिक जांच में ये भी देखा जा रहा है कि ई-मेल वास्तव में किस स्थान से भेजा गया और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है या फिर यह केवल अफवाह फैलाने की कोशिश है.

पुलिस साइबर सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर तकनीकी जांच कर रही है. कोतवाल देवेंद्र चौहान ने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है.

प्रशासन की लोगों से अपील

किसी भी संदिग्ध वस्तु, वाहन या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें. किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें.

अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं. पुलिस अधिकारियों की मानें तो ई-मेल की तकनीकी जांच, आईपी एड्रेस ट्रैकिंग, सर्वर डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है. यदि धमकी वास्तविक पाई जाती है, तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

 

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