हरिद्वार में भिड़ गए खनन अधिकारी और यूकेडी जिलाध्यक्ष, खूब हुई तू-तू, मैं-मैं, जानें विवाद का कारण
यूकेडी जिलाध्यक्ष गोकुल रावत ने डीएम से बिना परमिशन मिट्टी उठान होने की शिकायत की थी, जिला खनन अधिकारी काजिम रजा मुआयना करने गए थे
हरिद्वार: शहर में अवैध रूप बिना परमिशन मिट्टी उठाने का आरोप लगाते हुए यूकेडी के जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत और जिला खनन अधिकारी काजिम रजा के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. यूकेडी के जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत रावत ने जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की थी. शिकायत के बाद जिला खनन अधिकारी उत्तरी हरिद्वार में अवैध रूप से मिट्टी उठाने की जांच करने गए थे. इस दौरान दोनों के बीच नोकझोंक हो गई.
बिना परमिशन मिट्टी उठाने का आरोप: मोतीचूर क्षेत्र में नाले की खुदाई से निकली मिट्टी के अवैध उठान की शिकायत की जांच करने पहुंचे जिला खनन अधिकारी पर उत्तराखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत ने अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया. मामले को लेकर यूकेडी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है और जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की गई है. मामले से जुड़ा एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खनन अधिकारी और यूकेडी जिलाध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होती दिखाई दे रही है.
यूकेडी नेता और खनन अधिकारी में हुई नोकझोंक: गोकुल सिंह रावत ने बताया कि-
हमने दिन पहले उन्होंने प्रशासन को शिकायत देकर अवगत कराया था कि मोतीचूर रेलवे स्टेशन के बाहर खोदे गए नाले से निकाली जा रही मिट्टी बिना अनुमति के उठाकर एक आश्रम की खाली पड़ी भूमि में डाली जा रही है. आरोप है कि संबंधित लोग उक्त मिट्टी को हाईवे के निर्माणाधीन कार्य में उपयोग किए जाने की बात कह रहे थे. राजाजी टाइगर रिजर्व और नगर निगम के अधिकारियों को शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीएम मयूर दीक्षित ने जिला खनन अधिकारी काजिम रजा मंगलवार को मौके पर भेजकर जांच करने के निर्देश दिए.
-गोकुल सिंह रावत, जिलाध्यक्ष, यूकेडी-
गोकुल रावत के अनुसार उन्होंने अधिकारी को आश्रम की उस जमीन को दिखाया, जहां मिट्टी डाली जा रही थी. गोकुल रावत का आरोप है कि इस दौरान जिला खनन अधिकारी ने जांच करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद मीडियाकर्मी द्वारा कवरेज किए जाने पर अधिकारी नाराज हो गए और उसका मोबाइल फोन छीनने का भी प्रयास किया.
गोकुल सिंह रावत का कहना है कि उन्होंने स्वयं को राज्य आंदोलनकारी और यूकेडी का जिलाध्यक्ष बताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की, लेकिन अधिकारी ने उनकी बात नहीं सुनी और बिना पैमाइश किए ही मौके से लौट गए. मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इसके बाद यूकेडी कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त हो गया. गोकुल रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए हमने सीने पर गोलियां खाईं हैं, यहां अधिकारियों का ऐसा व्यवहार नहीं चलेगा. मिलीभगत से मिट्टी चोरी की गई. जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से जिला खनन अधिकारी के आचरण की जांच कर कार्रवाई करने तथा मिट्टी चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने की मांग की. उधर, घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है.
खनन अधिकारी ने रखा अपना पक्ष: वहीं जिला खान (खनन) अधिकारी काजिम रजा ने बताया कि-
जो आरोप लगाए गए हैं, वो सभी निराधार हैं. बिना परमिशन के मिट्टी उठाने की शिकायत मिली थी. खुद मौके पर जांच की और जांच के उपरांत उठाई गई मिट्टी की पैमाईश की गई है. पैमाईश के आधार पर पेनल्टी लगाने की कार्रवाई की जाएगी.
-काजिम रजा, जिला खनन अधिकारी-
