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September 21, 2026

Doon Daily News

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केदारनाथ यात्री के सिर पर गिरा पत्थर, हड्डी टूटकर दिमाग में घुसी, श्रीनगर बेस अस्पताल में 4 घंटे चली जटिल सर्जरी

बेस अस्पताल श्रीनगर में गंभीर ब्रेन इंजरी का सफल ऑपरेशन, दिल्ली निवासी तीर्थयात्री के सिर में पत्थर गिरने से हड्डी टूटकर मस्तिष्क में घुसी थी

श्रीनगर गढ़वाल: केदारनाथ यात्रा के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए दिल्ली निवासी 18 वर्षीय युवक की हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल, श्रीनगर में न्यूरो सर्जरी विभाग की टीम ने चार घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के जरिए जान बचाने का प्रयास किया. फिलहाल मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर आईसीयू में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है.

बेस अस्पताल में ब्रेन इंजरी का सफल ऑपरेशन: जानकारी के अनुसार दिल्ली निवासी सत्यम (18 वर्ष) केदारनाथ यात्रा के दौरान सिर पर भारी पत्थर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया. प्राथमिक उपचार के बाद उसे रुद्रप्रयाग अगस्त्यमुनि सीएचसी से रेफर कर बेहोशी की हालत में श्रीकोट स्थित बेस अस्पताल लाया गया. अस्पताल पहुंचते ही न्यूरोसर्जन अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ. प्रभात पुरोहित ने तत्काल मरीज का सीटी स्कैन कराया. जांच में सामने आया कि सिर की हड्डी टूटकर मस्तिष्क के अंदर धंस गई है, जिससे मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी.

चार घंटे चली जटिल सर्जरी: मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए डॉ. प्रभात पुरोहित ने परिजनों को तत्काल ऑपरेशन की आवश्यकता के बारे में बताया. सहमति मिलने के बाद बुधवार देर रात करीब 12 बजे इमरजेंसी न्यूरो सर्जरी शुरू की गई, जो सुबह लगभग 4 बजे तक लगातार चली. ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने सिर में धंसी हड्डी को सावधानीपूर्वक निकालकर आवश्यक सर्जरी की. इसके बाद घायल को वेंटिलेटर पर आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.

सफल सर्जरी करने वाली टीम में ये सदस्य रहे शामिल: इस जटिल ऑपरेशन में न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. देवेंद्र कुमार और अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ. प्रभात पुरोहित के नेतृत्व में किया. एनेस्थीसिया विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहित सैनी, पीजी एनेस्थीसिया टीम, नर्सिंग अधिकारी जी.एल. सैनी, अनु जुयाल, अंकित, प्रियंका सेमवाल और अंजली ने ऑपरेशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

85 वर्षीय महिला को भी मिल चुका नया जीवन: उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी न्यूरोसर्जन डॉ. प्रभात पुरोहित ने 23 जुलाई को 85 वर्षीय रुद्रप्रयाग कालीमठ क्षेत्र की महिला का सफल ऑपरेशन किया था. महिला के मस्तिष्क में सबड्यूरल हेमेटोमा की गंभीर समस्या थी, जिसका सफल उपचार कर उन्हें स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी.

घायल गंभीर स्थित में हमारे पास लाया गया था. परिजनों की अनुमति मिलते ही हमने बिना देर किए लगातार चार घंटे तक ऑपरेशन किया. ऑपरेशन सफल रहा.-डॉ देवेंद्र कुमार, प्रोफेसर, न्यूरो सर्जरी विभाग, बेस अस्पताल-

लगातार जटिल न्यूरो सर्जरी मामलों के सफल उपचार से बेस अस्पताल श्रीनगर गंभीर मस्तिष्क चोटों के इलाज के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है. केदारनाथ यात्रा मार्ग और गढ़वाल क्षेत्र में दुर्घटनाओं के दौरान गंभीर रूप से घायल मरीजों को अब समय पर विशेषज्ञ न्यूरो सर्जरी सुविधा उपलब्ध होने लगी है.

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