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February 3, 2026

Doon Daily News

आवाज़ उत्तराखंड की

मत्स्य विभाग, उत्तराखण्ड के अन्तर्गत रूपये 170-00 करोड़ की लागत से संचालित की जा रही “ट्राउट प्रोत्साहन योजना” के अन्तर्गत सेंट्रल बैंक डिजिटल कुरेसी (CBDC) के माध्यम से लाभ हस्तांतरण की नई प्रणाली की लॉचिंग की गयी।

आज दिनांक 03.02.2026 को माननीय मंत्री जी. मत्स्य पालन विभाग, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राज्य में ट्राउट फार्निंग के सवत् विववस हेतु मत्स्य विभाग, उत्तराखण्ड के अन्तर्गत रूपये 170-00 करोड़ की लागत से संचालित की जा रही “ट्राउट प्रोत्साहन योजना” के अन्तर्गत सेंट्रल बैंक डिजिटल कुरेसी (CBDC) के माध्यम से लाभ हस्तांतरण की नई प्रणाली की लॉचिंग की गयी। पूरे भारत में फिशरीज सेक्टर अन्तर्गत CBDC के माध्यम से संबालित होने वाली यह पहली योजना हो गयी है। साथ ही मत्स्य विभाग, उत्तराखण्ड तथा नेशनल बिल्डिंग कन्स्ट्रक्शन कोरपोरेशन लि० दिल्ली के मध्य राज्य में नमामि गंगे एक्वेरियम-कम-डिस्कवरी लर्निंग सेण्टर परियोजना की डी०पी०आर० तैयार करने के लिए एम०ओ०यू० हस्ताक्षरित किया गया जिसकी अनुमानित लागत रू० 250-300 करोड़ होगी। माननीय मंत्री जी द्वारा अवगत कराया कि

उत्तराखण्ड राज्य में ट्राउट फार्मिंग क्षेत्र के अन्तर्गत विगत वर्षों में सराहानीय कार्य किये गये है जिसके फलस्वरूप राज्य में वर्ष 2020-21 के वार्षिक ट्राउट उत्पादन 148 मेट्रिक टन में 380 प्रतिशत वृद्धि के साथ अब बढ़कर 710 मेट्रिक टन हो गया है। ट्राउट उत्पादन को बढ़ाने के साथ ही मछलियों के मार्केटिंग हेतु सरकार के प्रयासो से मछलियो की सप्लाई हेतु अनुबंध किया गया है एवं पिछले 15 माहो में आई०टी०बी०पी० को 30.70 टन ट्राउट मछली की आपूर्ति की जा चुकी है। माननीय मुख्यमंत्री जी, गत्स्य पालन विभाग, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राज्य में ट्राउट फार्मिंग के सतत् विकास हेतु की गयी घोषाणा के अनुपालन में मत्स्य विभाग, उत्तराखण्ड के अन्तर्गत रूपये 170-00 करोड़ की लागत से “ट्राउट प्रोत्साहन योजना” प्रारम्भ की गयी है तथा योजना के माध्यम से इण्टीग्रेटेड रेसवेज यूनिट, मिनी हैचरी, कोल्ड चेन डेवलपमेंट के कार्य किये जायेगे तथा मत्स्य पालको को पांच वर्षों तक इनपुट एवं हैण्डहोल्डिग सर्पोट दिया जायेगा। यह योजना आने वाले वर्षों में राज्य अन्तर्गत ट्राउट फार्मिंग क्षेत्र को मजबूत करेगी तथा पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन को कम करने हेतु भी कारगर सिद्ध होगी। माननीय मंत्री जी द्वारा यह भी बताया कि अब तक इन प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँचाते थे एवं यह व्यवस्था बिचौलियों को हटाने और सीकेज कम करने में कारगर सिद्ध हुई है।

इसी यात्रा को एक कदम आगे बढ़ाते हुए इस योजना के अनार्गत सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) की नई प्रणाली की व्यवस्था प्रारम्भ की गयी है। CBDC पूरी तरह सुरक्षित, भरोसेमंद और कानूनी मान्यता प्राप्त माध्यम है। इस नई व्यवस्था के तहत योजना का लाभ सीधे लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में तुरंत, सटीक और बिना किसी देरी के पहुँच सकेगा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनपदो के प्रगतिशील मत्स्य पालको को पुरुस्कृत किये जाने के साथ ही आपदा से हुये नुकसान के सापेक्ष बीना राशि के चेक वितरित किये गये।

कार्यक्रम में मा० मंत्री जी के अतिरिक्त श्री खजान दास, माननीय विधायक राजपुर एवं श्री उत्तम दत्ता, उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड राज्य मत्स्य पालक विकास अभिकरण सचिव मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी, डा० बी०वी०आर०सी० पुरुषोत्तम, श्री चन्द्र सिंह धर्मशक्तू, निदेशक मत्स्य, श्रीमती अल्पना हल्दिया, उप निदेशक, मत्स्य विभाग, श्री प्रमोद कुमार शुक्ला, उप निदेशक, मत्स्य विभाग, श्री अनिल कुमार, उप निदेशक, मस्य विभाग एवं अन्य विभागीय अधिकारी एवं प्रदेश के विभिन्न जनपदो से आये मत्स्य पालक उपस्थित रहे। साथ ही अपर सचिव मत्स्य एवं पशुपालन श्री संतोष बडोनी, श्री उदय शंकर निदेशक पशुपालन भी उपस्थित रहे।’

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