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September 26, 2026

Doon Daily News

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शिवभक्तों के लिए अच्छी खबर, 4 जुलाई से शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा, तैयारियां तेज

कुमाऊं मंडल विकास निगम ने कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए तैयारियां तेज कर दी है. यात्रा इस साल 4 जुलाई से शुरू होगी.

हल्द्वानी (उत्तराखंड): विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष 4 जुलाई से शुरू होने जा रही है. यात्रा को लेकर कुमाऊं मंडल विकास निगम यानी केएमवीएन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. इस बार यात्रा का पहला दल दिल्ली से रवाना होकर टनकपुर पहुंचेगा और वहां से धारचूला होते हुए कैलाश मानसरोवर के लिए आगे बढ़ेगा. यात्रा के सफल संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर प्रशासन और केएमवीएन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है.

आस्था, अध्यात्म और कठिन पर्वतीय सफर का संगम कही जाने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष 4 जुलाई से शुरू होने जा रही है. यात्रा को लेकर कुमाऊं मंडल विकास निगम यानी केएमवीएन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है. केएमवीएन के अनुसार इस वर्ष कुल 10 दल कैलाश मानसरोवर यात्रा में शामिल होंगे. प्रत्येक दल में लगभग 50 श्रद्धालु रहेंगे, जिससे करीब 500 यात्री इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बनेंगे. पहला दल 4 जुलाई को दिल्ली से रवाना होकर टनकपुर पहुंचेगा.

इसके बाद 5 जुलाई को यात्रियों का जत्था पिथौरागढ़ होते हुए धारचूला के लिए रवाना होगा. यात्रा का पारंपरिक मार्ग टनकपुर, धारचूला, गुंजी और लिपुलेख दर्रे से होकर कैलाश मानसरोवर तक रहेगा. यह यात्रा 4 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त तक संचालित की जाएगी. यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. केएमवीएन के अधिकारियों का कहना है कि यात्रा मार्ग पर सभी विश्राम स्थलों और अतिथि गृहों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.

4 जुलाई को मानसरोवर यात्रा का पहला दल दिल्ली से टनकपुर पहुंचेगी. रात्रि विश्राम के बाद श्रद्धालु अगले पड़ाव पर पहुंचेंगे. 16 अगस्त तक ये यात्रा प्रस्तावित है. मानसरोवर यात्रा की गाइडलाइन के अनुसार यात्रियों के रुकने और भोजन से संबंधित सभी तैयारी कर ली गयी है. हल्द्वानी में लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस को यात्रियों के रुकने के लिए केएमवीएन को सौंप दिया है. इस बार यात्रा में 10 दल मानसरोवर यात्रा में जाएंगे. किसी भी चुनौती के लिए प्रशासन और केएमवीएन पूरी तरह तैयार है.
-मनीष कुमार सिंह, जीएम, कुमाऊं मंडल विकास निगम-

वहीं यात्रा से लौटने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए हल्द्वानी स्थित लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस को भी केएमवीएन को हस्तांतरित कर दिया गया है. इस गेस्ट हाउस का जल्द ही नवीनीकरण और मेकओवर किया जाएगा, जिससे यात्रा पूरी कर लौटने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आवास और विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके. कुल मिलाकर, कैलाश मानसरोवर यात्रा के सफल संचालन के लिए केएमवीएन, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की यह आध्यात्मिक यात्रा सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार बन सके.

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