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November 4, 2026

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श्रीनगर बेस अस्पताल में शुरू हुई अत्याधुनिक डिजिटल अल्ट्रासाउंड सेवा, पहाड़ के मरीजों को बड़ी राहत

हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय बेस चिकित्सालय, श्रीनगर में अत्याधुनिक डिजिटल अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) सेवा का शुभारंभ हो गया है.

श्रीनगर गढ़वाल: उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है. हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय बेस चिकित्सालय, श्रीनगर में सोमवार से अत्याधुनिक डिजिटल अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) सेवा का शुभारंभ हो गया है. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने नई डिजिटल अल्ट्रासाउंड मशीन का उद्घाटन किया. रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विनीता आर्या की तैनाती के साथ अब अस्पताल में नियमित रूप से उच्च गुणवत्ता वाली अल्ट्रासोनोग्राफी जांच उपलब्ध होगी.

बेस अस्पताल में शुरू हुई अत्याधुनिक डिजिटल अल्ट्रासाउंड सेवा: अस्पताल प्रशासन के अनुसार, नई डिजिटल तकनीक से जांच पहले की तुलना में अधिक सटीक, स्पष्ट और कम समय में हो सकेगी. इससे मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए देहरादून, ऋषिकेश या अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और आर्थिक खर्च दोनों की बचत होगी.

पहाड़ के मरीजों को बड़ी राहत: नई मशीन के माध्यम से गर्भावस्था के दौरान भ्रूण की निगरानी के अलावा लीवर, किडनी, पित्ताशय, अग्न्याशय, मूत्राशय, प्रोस्टेट, थायराइड, गर्भाशय और अंडाशय सहित कई महत्वपूर्ण अंगों की जांच की जा सकेगी. इसके साथ ही शरीर में गांठ, सूजन, पथरी, आंतरिक रक्तस्राव तथा अन्य जटिल बीमारियों का भी समय रहते सटीक परीक्षण संभव होगा.

रेडियोलॉजिस्ट ने कहा इससे रेडिएशन नहीं होता: रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विनीता आर्या ने बताया कि-

अल्ट्रासाउंड जांच उच्च आवृत्ति की ध्वनि तरंगों पर आधारित होती है. इसमें किसी प्रकार का रेडिएशन नहीं होता है. इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित जांच पद्धति मानी जाती है. अब बेस अस्पताल में इसका शुभारंभ हो गया है. इससे राज्य के दूर-दराज के मरीजों को काफी लाभ होगा.
-डॉक्टर विनीता आर्या, रेडियोलॉजिस्ट-

प्राचार्य ने जताई खुशी: मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि-

अस्पताल में 3 अगस्त से डिजिटल अल्ट्रासाउंड मशीन का नियमित संचालन शुरू कर दिया गया है. इस सुविधा से विशेष रूप से दूर-दराज़ के पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी. उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी.
-डॉ अशुतोष सयाना, प्राचार्य, एचएनबी राजकीय बेस चिकित्सालय, श्रीनगर गढ़वाल-

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