विनोद चमोली कांग्रेस पर गरजे, बोले- घोटालों ने खोला राजनीतिक भ्रष्टाचार का असली चेहरा
इन दिनों उत्तराखंड में पूर्व सीएम हरीश रावत सुर्खियों में बने हुए हैं. बीजेपी उन पर भ्रष्टाचार को लेकर हमलावर है.
देहरादून: देहरादून में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को लेकर तीखा हमला बोला. पूर्व सीएम हरीश रावत के इस्तीफे की पेशकश पर सवाल उठाते हुए चमोली ने पूछा कि जब उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे, तब उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दिया. साथ ही चंदन सिंह जीना के मामले में सामने आए कथित ‘चंदा मॉडल’ पर कांग्रेस से पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की.
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को लेकर तीखा हमला बोला है. पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और देश में सामने आ रहे कथित घोटाले कांग्रेस के राजनीतिक भ्रष्टाचार का असली चेहरा उजागर कर रहे हैं. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से जुड़े चंदन सिंह जीना प्रकरण और कथित बरामदगी का हवाला देते हुए कांग्रेस से कई सवालों के जवाब मांगे.
विनोद चमोली ने कहा कि चंदन सिंह जीना पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी रहे हैं. उनके यहां ईडी की कार्रवाई के दौरान सोना, नकदी, विदेशी मुद्रा और अन्य कीमती सामान मिलने की बात सामने आई है. चमोली ने कहा कि इस मामले के बाद हरीश रावत की ओर से इस्तीफे की पेशकश किए जाने पर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने कहा कि यदि उनके मुख्यमंत्री रहते नियुक्तियों और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के मामले सामने आए थे और जांच भी कराई गई थी, तो उस समय नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दिया गया.
विनोद चमोली ने कहा कि जिस भ्रष्टाचार की जांच उनके कार्यकाल में शुरू हुई थी, वह कोई नई घटना नहीं है. उनके मुताबिक पहले जांच हुई, फिर लीपापोती के आरोप लगे और दोबारा जांच में भी दोष सामने आए. ऐसे में करीब नौ साल बाद ईडी की कार्रवाई के बाद इस्तीफे की पेशकश करना सवाल खड़े करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह फजीहत से बचने और राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने का प्रयास है. उन्होंने आगे कहा कि हरीश रावत को बताना चाहिए कि मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी नैतिक जिम्मेदारी क्या थी और उन्होंने उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की.
भाजपा नेता ने चंदन सिंह जीना के कथित बयान का भी हवाला दिया, जिसमें बरामद रकम को अलग-अलग लोगों की ओर से कांग्रेस पार्टी फंड के लिए दिए गए चंदे से जुड़ा बताया जा रहा है. चमोली ने इसे कांग्रेस का कथित ‘चंदा मॉडल’ बताते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल से जवाब मांगा. उन्होंने पूछा कि पार्टी फंड के नाम पर किसने कितना पैसा दिया और यह रकम किस उद्देश्य से जुटाई जा रही थी.
उन्होंने कांग्रेस से कथित चंदा व्यवस्था का पूरा हिसाब जनता के सामने रखने की मांग की. विनोद चमोली ने कर्नाटक के कांग्रेस सरकार से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक मंत्री के परिवार से जुड़ी संपत्तियों और अफ्रीका में कारोबार को लेकर ईडी की कार्रवाई सामने आई है. उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड और कर्नाटक समेत कांग्रेस शासित राज्यों में भ्रष्टाचार का एक जैसा पैटर्न दिखाई देता है. हालांकि, इन मामलों में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है.
भाजपा प्रवक्ता ने उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं में हुए पेपर लीक और नकल के मामलों को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए 200 से अधिक लोगों को जेल भेजा और नकल विरोधी कानून बनाया. उनके अनुसार सरकार ने करीब 37 हजार नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से कराई हैं. उन्होंने कहा कि जहां भी नकल या पेपर लीक का मामला सामने आया, वहां सरकार ने जांच कराई और किसी को बचाने का प्रयास नहीं किया.
उन्होंने मनमोहन सिंह सरकार के समय सामने आए घोटालों और एनडी तिवारी सरकार के दौरान हुए कथित पटवारी और दरोगा भर्ती घोटालों का जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, उनमें से कुछ आज कांग्रेस के स्टार प्रचारक बने हुए हैं. कांग्रेस की कार्रवाई की टाइमिंग पर उठ रहे सवालों पर चमोली ने कहा कि क्या चुनाव के कारण अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई रोक दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि देश में लगातार चुनाव होते रहते हैं और चुनाव के नाम पर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं रोकी जा सकती. उन्होंने कहा कि चुनाव अपनी जगह हैं और कानून अपना काम करेगा. कहा कि इसी सोच के तहत भाजपा ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की बात करती है.
