March 14, 2026

Doon Daily News

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उत्तराखंड में पांच साल तक काबू में रहा कर्जा, एक अप्रैल 2026 से छिन जाएगा सहारा

उत्तराखंड में पांच साल तक काबू में रहा कर्जा, एक अप्रैल 2026 से छिन जाएगा सहारा
पुष्कर सिंह धामी सरकार ने पिछले पांच साल ऋण लेकर घी पीने से हाथ पीछे खींचकर रखे तो उसका परिणाम काफी हद तक सुखद रूप में सामने आया है। कर्ज का मर्ज लाइलाज बनता, इससे पहले ही उत्तराखंड संभल गया। कोरोनाकाल में आर्थिक संकट के दौरान एक बार ऐसा भी लगने लगा था कि यह मध्य हिमालयी राज्य ऋण के बोझ तले दब जाएगा।
वित्तीय अनुशासन, अनाप-शनाप खर्चों पर अंकुश लगाने की हिम्मत दिखाई तो परिणाम देखिए, वार्षिक बजट आकार से भी कर्ज अधिक होने की नौबत आई, लेकिन टिक नहीं पाई। सरकार को इस मामले में 15वें वित्त आयोग के राजस्व घाटा अनुदान का भरपूर सहारा मिला। लेकिन, एक अप्रैल, 2016 से यह सहारा हटने जा रहा है। ऐसे में कर्ज को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार को खासी मशक्कत करनी पड़ेगी।
उत्तराखंड के पास वित्तीय संसाधन अत्यंत सीमित हैं। केंद्र से मिलने वाले सहायता अनुदान, केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी और केंद्रपोषित योजनाओं में विशेष राज्य के कारण 90:10 के अनुपात में मिलने वाली बड़ी सहायता पर बुनियादी ढांचे के विकास और विस्तार, कल्याण योजनाओं के संचालन का दारोमदार है।