केदारनाथ हेली सेवाओं पर अब डिजिटल निगरानी, सुरक्षा होगी मजबूत
केदारनाथ हेली सेवाओं पर अब डिजिटल निगरानी, सुरक्षा होगी मजबूत
प्रदेश सरकार इस वर्ष केदारनाथ हेली सेवाओं को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू करने जा रही है। इसके तहत उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) हेलीपैड पर आधुनिक उपकरण सेलोमीटर लगाने और हेलीकाप्टरों में कैमरे स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। यह व्यवस्था विशेष रूप से केदारनाथ यात्रा के दौरान हवाई सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। साथ ही चारों धाम के लिए संचालित होने वाली चार्टर सेवाओं में भी कैमरों के उपयोग पर विचार चल रहा है।
प्रदेश में चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेवाओं का प्रयोग बढ़ जाता है। इस दौरान केदारनाथ के लिए नियमित शटल सेवाएं संचालित की जाती हैं, साथ ही देहरादून से शेष अन्य तीन धाम के लिए चार्टर सेवाओं का भी प्रयोग किया जाता है। गत वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान पहले चरण में पांच हेली दुर्घटनाएं हुई थीं। इनमें 13 व्यक्तियों की मौत हुई। इन दुर्घटनाओं की प्रारंभिक जांच में खराब मौसम, घने बादल, लो विजिबिलिटी और सुरक्षा नियमों की अनदेखी को जिम्मेदार माना गया।
यही कारण रहा कि दूसरे चरण में विशेष एहतियात के साथ हेली सेवाएं संचालित की गईं। इस वर्ष अब हेली सेवाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने को कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी स्थित नौ हेलीपैड में सेलोमीटर लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से हवाई दृश्यता, बादलों की ऊंचाई और मौसम की सटीक जानकारी प्राप्त हो सकेगी, जिससे उड़ान संचालन को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा। वहीं हेलीकाप्टर में कैमरे लगाने से उड़ान के दौरान होने वाली गतिविधियों की निगरानी संभव होगी।
इस तकनीक के लागू होने से दुर्घटना की स्थिति में त्वरित सूचना मिलने के साथ ही उसके कारणों का सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा। इन उपकरणों की खरीद को टेंडर हो चुके हैं।
इस वर्ष हेलीकाप्टर की उड़ान की जाएगी नियंत्रित
केदारनाथ सेवा के दौरान प्रदेश में इस वर्ष हेली सेवाओं को नियंत्रित करने की तैयारी है। इसके तहत गत वर्ष की भांति ही सीमित संख्या में हेली सेवाओं का संचालन किया जाएगा।
