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August 26, 2026

Doon Daily News

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Haldwani: फर्जी बिल पर भुगतान, सीएम के उपसचिव के नाम से बनाई फेक आईडी

हल्द्वानी के पूर्वी क्षेत्र में तैनात रहे एक कंप्यूटर ऑपरेटर पर गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में आरोप है कि आरोपी ने फर्जी ईमेल आईडी बनाकर लोगों को धमकाया और विभागीय भुगतान में भी गड़बड़ी की। इस संबंध में डीएलएम (डिविजनल लॉगिंग मैनेजर) की तहरीर पर मुकानी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्वी हल्द्वानी में प्रभागीय लॉगिंग प्रबंधक कार्यालय में कार्यरत रहे कंप्यूटर ऑपरेटर महेंद्र सिंह बिष्ट के खिलाफ विभागीय जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोप है कि उसने मुख्यमंत्री के उप सचिव के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बनाकर लोगों को धमकाने और गुमराह करने का काम किया। इसके अलावा विभागीय भुगतान फर्जी बिलों के माध्यम से लेने की बात भी सामने आई है।

प्रभागीय विक्रय प्रबंधक उपेंद्र सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि आरोपी ने अपने कार्यकाल के दौरान कई अनियमितताएं कीं। उसने कार्यालय की बायोमेट्रिक मशीन में छेड़छाड़ की, जिससे उपस्थिति रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि उसकी वास्तविक उपस्थिति और मशीन में दर्ज उपस्थिति में अंतर था, साथ ही अवकाश अवधि में भी विसंगतियां मिलीं।

इतना ही नहीं, आरोपी ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) पोर्टल के साथ भी छेड़छाड़ की। एक आरटीआई आवेदन प्राप्त होने पर उसने पोर्टल का पासवर्ड अनधिकृत रूप से बदलकर उसे लॉक कर दिया, जिससे सूचना प्रक्रिया बाधित हुई। यह कृत्य गंभीर प्रशासनिक उल्लंघन की श्रेणी में आता है।

विभागीय खर्चों में भी गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। स्वतंत्रता दिवस और अन्य बैठकों के दौरान जलपान के खर्च के लिए फर्जी रेस्टोरेंट के नाम से बिल तैयार कर 4635 रुपये का गबन किया गया। इतना ही नहीं, आरोपी ने फर्जी नाम से स्टांप पेपर खरीदकर उसी बिल के आधार पर खुद ही शिकायत भी दर्ज करा दी, ताकि मामले को भ्रमित किया जा सके।

उपेंद्र सिंह के अनुसार, आरोपी ने वन विकास निगम के कर्मचारियों को स्थानांतरण का लालच देकर भी गुमराह किया। उसने सहायक लेखाकार मोहन कुमार के नाम का दुरुपयोग करते हुए अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा उसने अपने कई मोबाइल नंबरों को ट्रूकॉलर पर मुख्यमंत्री कार्यालय, उप सचिव सीएम, वन विभाग, एचएसओ लालकुआं, इनकम टैक्स, कमिश्नर और नाबार्ड जैसे नामों से सेव कर रखा था, ताकि लोगों को प्रभाव में लिया जा सके।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि उसने मुख्यमंत्री के उप सचिव के नाम से फर्जी ईमेल आईडी तैयार कर उसका इस्तेमाल लोगों को धमकाने, गुमराह करने और धोखाधड़ी करने के लिए किया। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद आरोपी को पहले ही ब्लैकलिस्ट कर सेवा से बाहर किया जा चुका है।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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