केंद्र ने उत्तराखंड में नियो मेट्रो पर जताई असहमति, धामी सरकार ईबीआरटीएस अपनाने को तैयार
राज्य कैबिनेट के निर्णय के अनुसार नियो मेट्रो परियोजना के प्रस्ताव को केंद्र के सलाह के क्रम में आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही यह प्रस्ताव मेट्रो रेल कार्पोरेशन की बोर्ड बैठक के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा के अनुसार चूंकि केंद्र ने नियो मेट्रो तकनीक को भारत के लिहाज से सही नहीं बताया है, तो अब ईबीआरटीएस पर ही आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान समय में इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। जल्द बोर्ड बैठक आयोजित कर प्रस्ताव को पास किया जाएगा।
नियो मेट्रो के कारिडोर पर ही आगे बढ़ेगी ईबीआरटीएस
उत्तराखंड मेट्रो रेल कार्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार नियो मेट्रो के लिए जो कारिडोर तय किए गए थे, वही ईबीआरटीएस में भी रखे जाएंगे। इस तरह कारिडोर को लेकर अतिरिक्त प्रयास नहीं करने पड़ेंगे।
नियो मेट्रो के फेर में खर्च हो चुके 100 करोड़
मेट्रो के अलग-अलग रूप से लेकर नियो मेट्रो तक की गई कसरत के बीच उत्तराखंड मेट्रो रेल कार्पोरेशन अब तक करीब 100 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। वहीं, परियोजना विलंब के चलते 1852 करोड़ से बढ़कर 2303 करोड़ रुपये जा पहुंची थी, जो निवेश के लिहाज से बेहद अधिक है। हालांकि, अब इतना जरूरी है कि लंबी खामोशी के बाद राज्य सरकार ने ईबीआरटीएस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखा दी है।
