April 24, 2026

Doon Daily News

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महिला आरक्षण बिल पर राजनीतिक घमासान जारी, कांग्रेस ने उत्तराखंड विधानसभा के सामने दिया धरना

कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल को लेकर बीजेपी पर हमला बोला है. कांग्रेस ने देहरादून में धरना देकर बीजेपी सरकार को घेरा.

देहरादून: महिला आरक्षण बिल पर इस समय जमकर राजनीति हो रही है. इसी मुद्दों पर आज कांग्रेस ने देहरादून में विधानसभा भवन के बाहर सरकार के खिलाफ धरना दिया. कांग्रेस की मांग है कि साल 2023 में राज्यसभा और लोकसभा से पास महिला आरक्षण बिल के आधार पर महिलाओं को 33 प्रतिशत रिजर्वेशन दिया जाए.

उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आयोजित किए गए धरने में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और विधायक ममता राकेश समेत कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए.

हरीश रावत ने महिला आरक्षण पर सरकार को घेरते हुए कहा कि आज कांग्रेस प्रदर्शन करते हुए सरकार से यह कहने आई है कि सरकार अपना प्रपंच और झूठ बोलना बंद करे. सभी जानते है कि भाजपा सरकार पहले से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं देना चाहती थी. साल 2023 में जन दबाव के चलते महिला आरक्षण का विधेयक जरूर पारित हुआ, लेकिन सरकार ने इसे लागू नहीं किया और चुपचाप बैठे रहे.

वहीं हरीश रावत का कहना है कि अब जबकि सरकार ने जनदबाव फिर से बढ़ते देखा, तब फिर से सरकार ने महिला आरक्षण बिल के साथ परिसीमन का बिल जोड़ दिया. सरकार जानती थी कि परिसीमन के सवाल पर अभी राष्ट्रीय सहमति नहीं बनी है.

हरीश रावत ने कहा कि 2023 में जब संसद मे सर्वसम्मति से महिला आरक्षण बिल पहले ही पारित हो चुका था, तो फिर उसके साथ परिसीमन को जोड़ना सरकार का फ्रॉड था, जिसे उन्होंने भाजपा का सुनियोजित षड्यंत्र था. इस षड्यंत्र की यह परिणीति रही कि वह विधेयक पारित नहीं हो सका. अगर विधेयक पारित नहीं हो पाया तो इसके लिए सीधे तौर पर भाजपा दोषी है.

वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेसजनों यह प्रदर्शन भाजपा के झूठ का पर्दाफाश करने के लिए किया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आहूत किए जाने का निर्णय लिया है. कांग्रेस पार्टी पहले ही इस बात को कह चुकी है कि विशेष सत्र कांग्रेस को कोसने लिए बुलाया जा रहा है. सरकार कांग्रेस को इसलिए कोसना चाहती है, क्योंकि कांग्रेस वास्तविक रूप से महिला आरक्षण के पक्ष में है.

अध्यक्ष गणेश गोदियाल का आरोप है कि बीजेपी सरकार लगातार महिला आरक्षण पर रोड़ा अटकाने में लगी हुई है और उल्टा कांग्रेस को दोषी ठहरा रही है. कांग्रेस पार्टी किसी भी रूप में महिला आरक्षण की पक्षधर रही है. देश और प्रदेश की जनता को पता है कि अतीत से लेकर अब तक अगर कोई महिला आरक्षण के संबंध में हितेषी रहा है तो वह सिर्फ कांग्रेस पार्टी रही है.

कांग्रेस कार्यकाल के दौरान निकायों व पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण का लाभ दिया गया. 2023 में जब महिला आरक्षण बिल पारित हुआ, वह बिल भी कांग्रेस के सहयोग से पारित हुआ, लेकिन भाजपा सरकार महिला आरक्षण के नाम पर देश भर मे झूठ का प्रपंच फैला रही है.