April 24, 2026

Doon Daily News

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बदरीनाथ की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, कपाट खुलते ही बर्फ से निखरा भू बैकुंठ धाम

कुदरत ने किया भू बैकुंठ बदरीनाथ धाम का दिव्य श्रृंगार, नीलकंठ पर्वत पर हुई बर्फबारी, चांदी की तरह चमक रहे पहाड़

चमोली: भू बैकुंठ बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलते ही प्रकृति ने ऐसा अद्भुत नजारा पेश किया, जिसने हर किसी का मन मोह लिया. हुआ कुछ यूं कि दोपहर बाद अचानक हुई बर्फबारी ने बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों को चांदी सी चमक से सजा दिया. जिससे ऐसा लग रहा है कि मानो खुद कुदरत भगवान नारायण के स्वागत में श्रृंगार कर रही हो.

बर्फबारी से निखरी खूबसूरती: बता दें कि आज यानी 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोले गए हैं. ऐसे में कपाट खुलने के पावन अवसर पर जहां देशभर से पहुंचे श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के दर्शन में लीन थे, तो वहीं आसमान से गिरती बर्फ की फुहारों ने इस आध्यात्मिक माहौल को और भी दिव्य बना दिया.

नीलकंठ पर्वत पर पड़ी बर्फ: नीलकंठ पर्वत समेत आसपास की सभी चोटियां सफेद चादर में लिपटी नजर आईं, जिससे पूरा धाम स्वर्ग सा प्रतीत होने लगा. एक ओर देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, तो वहीं बदरीनाथ धाम में अप्रैल महीने में भी ठंड का अहसास बना हुआ है. पिछले कुछ दिनों से बढ़ती गर्मी और सूखते जल स्रोतों के बीच यह बर्फबारी राहत एवं आकर्षण दोनों का केंद्र बन गई है.

नीलकंठ और नर नारायण पर्वत के तलहटी में बसा है बदरीनाथ धाम: भू बैकुंठ बदरीनाथ धाम आस्था, प्रकृति और अद्भुत सौंदर्य का संगम है. जिसका दिव्यता हर साल श्रद्धालु को अपनी ओर आकर्षित करती है. यह धाम हिमालय की तहलटी और अलकनंदा के तट पर बसा है. ऊपर नीलकंठ और नर नारायण पर्वत मौजूद हैं. जिसकी वजह से यहां कभी भी मौसम बदल सकता है.

चराधाम में इन बातों का रखें ध्यान: अगर आप भी चारधाम यात्रा पर निकल रहे हैं तो कुछ बातों का जरूर ध्यान रखें. यात्रा के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है. ऐसे में यात्रियों को अपने पास गर्म कपड़े खासकर जैकेट, स्वेटर, टोपी, मोजे, जुराब समेत आवश्यक दवाइयां जरूर रखनी चाहिए. इसके साथ ही तबीयत खराब होने की स्थिति में नजदीकी मेडिकल कैंप में जाना चाहिए.