April 29, 2026

Doon Daily News

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काशीपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी, 3 अस्पतालों पर जुर्माना, 2 क्लीनिक सील

काशीपुर में प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ दूसरे दिन भी छापेमारी, 3 अस्पतालों पर जुर्माना ठोका तो 2 क्लीनिक को किया गया सील

रुद्रपुर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम लगातार दूसरे दिन भी एक्शन मोड में रही. निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद जुर्माना और सीलिंग जैसी कड़ी कार्रवाई की गई.

उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में अवैध और मानकों के विपरीत संचालित हो रहे निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने लगातार दूसरे दिन भी व्यापक छापेमारी अभियान चलाया. इस अभियान का नेतृत्व तहसीलदार पंकज चंदौला और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमरजीत सिंह साहनी ने किया.

दूसरे दिन की कार्रवाई के दौरान टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित करीब आधा दर्जन स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण किया. जांच के दौरान यह पाया गया कि कई अस्पताल और क्लीनिक सरकार की ओ से निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं. खासतौर पर बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण, फायर सेफ्टी और वैध डिग्री से संबंधित गंभीर खामियां सामने आई.

बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही पर जुर्माना: निरीक्षण के दौरान तीन अस्पतालों में बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन के नियमों का उल्लंघन पाया गया. इस पर नगर निगम की ओर से प्रत्येक अस्पताल पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संस्थानों की ओर से बायो-मेडिकल कचरे का सही तरीके से निस्तारण न करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है.

दो क्लीनिक हुए सील: इस अभियान में सबसे बड़ी कार्रवाई महेशपुरा क्षेत्र में देखने को मिली, जहां स्थित ‘जनता डेंटल क्लिनिक’ और ‘एके फर्स्ट रेसपोंडर हेल्थ केयर’ को सील कर दिया गया. जांच में पाया गया कि इन क्लिनिकों के पास न तो आवश्यक शैक्षणिक डिग्री से संबंधित दस्तावेज थे और न ही संचालन के लिए जरूरी मानक पूरे किए गए थे. इस पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से दोनों क्लिनिकों को बंद कर सील करने का निर्णय लिया.

इसके अलावा कई अस्पतालों में फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी नहीं पाई गई. इस पर संबंधित संस्थानों को एक हफ्ते के भीतर फायर एनओसी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों ने चेतावनी दी कि तय समय सीमा में नियमों का पालन न करने पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की इस कार्रवाई से निजी स्वास्थ्य संस्थानों में हड़कंप मचा हुआ है.

यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जो भी अस्पताल या क्लिनिक मानकों के अनुसार संचालित नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.“- अमरजीत सिंह साहनी, नगर स्वास्थ्य