January 12, 2026

Doon Daily News

आवाज़ उत्तराखंड की

महिला नीति का ड्राफ्ट तैयार; राज्य बनेगा नजीर, महिलाओं के सर्वांगीण विकास में जुटेंगे 57 विभाग

अब महिला सशक्तीकरण का दारोमदार सिर्फ एक विभाग या एक आयोग के ऊपर नहीं होगा, इसके लिए राज्य के करीब 57 विभाग मिलकर काम करेंगे। इसके लिए विशेष तौर पर राज्य महिला नीति तैयार की गई है। इसके लागू होने के बाद उत्तराखंड महिलाओं के समग्र विकास का अवसर देने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। इस नीति का मुख्य उद्देश्य सभी सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर महिला कल्याण के कार्यों को गति देना और महिलाओं के लिए विशेष तौर पर जारी 16.6 फीसदी के जेंडर बजट का अधिकतम व प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। नई महिला नीति के तहत सभी विभागों में जेंडर बजट सेल बनेगा, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। नीति के जरिये यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जेंडर बजट का सदुपयोग उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य सभी क्षेत्रों में महिला उत्थान के लिए हो।

नई दिल्ली में पेश किया नीति का खाका
हाल में नई दिल्ली में केंद्र सरकार की ओर से आयोजित एक परामर्श कार्यक्रम में देश के पांच राज्यों को महिला कल्याण की योजनाओं पर प्रस्तुति का मौका मिला, जिसमें राज्य महिला नीति के आधार पर उत्तराखंड ने भी महिलाओं के सर्वांगीण विकास की रूपरेखा पेश की। प्रस्तुति में शामिल महिला सशक्तीकरण विभाग की टीम ने बताया कि पहाड़ के ग्रामीण व सुदूर क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन के हर पहलू में सकारात्मक बदलाव लाना, शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाना, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण बनाना, स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना और रोजगार के समान अवसर प्रदान करना राज्य महिला नीति के प्रमुख स्तंभ होंगे। इसके अलावा महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा और न्याय दिलाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नई राज्य महिला नीति सुनिश्चित करेगी कि जेंडर बजट का अधिकतम और प्रभावी उपयोग हो। यह नीति सभी विभागों में समन्वय स्थापित करेगी। इसके लागू होने पर महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी। नीति का ड्राफ्ट विभाग ने तैयार कर लिया है। जल्द ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। -रेखा आर्या, मंत्री, महिला सशक्तीकरण एवं बाल कल्याण