उत्तराखंड में ऊर्जा क्षेत्र को 1609 करोड़ का बजट, सौर और जलविद्युत पर जोर
उत्तराखंड में ऊर्जा क्षेत्र को 1609 करोड़ का बजट, सौर और जलविद्युत पर जोर
राज्य सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए बजट में 1609.43 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है।
इस राशि से बिजली उत्पादन बढ़ाने, ट्रांसमिशन नेटवर्क को सुदृढ़ करने और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार पर जोर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पर्यावरण संतुलन के साथ पूरा करना है।
मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
नई परियोजनाओं के साथ स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में भी प्रयास तेज हुए हैं।
सौर ऊर्जा अब राज्य की ऊर्जा उत्पादन का महत्वपूर्ण आधार बनती जा रही है। जल विद्युत क्षेत्र में भी कई परियोजनाओं के पूरा होने से उत्पादन क्षमता और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिली है।
राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। बड़ी ऊर्जा परियोजनाओं के पूरा होने से औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को भी बेहतर बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।
ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए पिछले चार वर्षों में कई महत्वपूर्ण लाइनों का निर्माण किया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक बिजली पहुंचाने में विश्वसनीयता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने पर भी फोकस किया जा रहा है।
1609.43 करोड़ – ऊर्जा विभाग के लिए बजट प्रविधान
1027 मेगावाट – राज्य की कुल सौर ऊर्जा क्षमता
700 मेगावाट – चार साल में बढ़ी सौर क्षमता
746 परियोजनाएं – स्थापित सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट
250 मेगावाट – मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का लक्ष्य
3500 – युवाओं को मिला ऊर्जा सेक्टर से रोजगार
