उत्तराखंड: जिगर के टुकड़े को विदेश में नौकरी की राह बनी आसान
उत्तराखंड: जिगर के टुकड़े को विदेश में नौकरी की राह बनी आसान
गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के युवाओं को जिगर का टुकड़ा कहकर दुलारा तो धामी सरकार ने राज्य के युवाओं को विदेश में नौकरी की राह आसान बना दी।
सरकार ने विदेश रोजगार प्रकोष्ठ का गठन कर 3.73 करोड़ रुपये बजट का प्रविधान किया है। अब युवाओं को एजेंट के माध्यम से नहीं बल्कि सरकार के माध्यम से विदेश में नौकरी करने का अवसर मिलेगा।
ग्रामीण कौशल विकास को 62 करोड़
प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई योजनाओं को मजबूती दी है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना के लिए 62.29 करोड़ का प्रविधान किया गया है।
इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के युवा प्रतिभा अपने घर के समीप ही आइटीआइ, पालीटेक्निक, उच्च शिक्षा संस्थान या किसी उद्योग में कौशल विकास में दक्ष बन सकता है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को 60 करोड़
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की सफलता के बाद मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना-.02 लांच की है।
जिसमें अभी तक पांच हजार से अधिक ग्रामीण बेरोजगार युवाओं ने वाहन, हाेम स्टे,कुटीर उद्योग, दुकान खोलने आदि के लिए अधिकतम 26 लाख तक का ऋण प्राप्त किया है। सरकार ने इस योजना के लिए 60 करोड़ का प्रविधान किया है।
‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना में 10 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।जो बेहद प्रभावी रहेगा। इसके अलावा पलायन रोकथाम को 10 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। शिक्षा मित्रों के मानदेय को दस करोड़ रुपये एवं स्टार्टअप वेंचर फंड के लिए 25 करोड़ का प्रविधान किया गया है। यह युवाओं को बेहतर करियर बनने में मदद करेगा।
– सुनील उनियाल, अध्यक्ष उत्तराखंड इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन
