उत्तराखंड में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना के लिए प्रदेश भर में कुल 29,567 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं. जिनको हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) पोर्टल पर डिजिटली मैप किया गया है. जिसमें से 24,566 जिलों में और 5,001 नगर निगम क्षेत्रों में हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स शामिल है.
वहीं, जनगणना के लिए जनगणना कार्य निदेशालय की ओर से कुल 20,859 एन्यूमरेटर्स (Enumerators) और 3,670 सुपरवाइजर्स (Supervisors) अपॉइंट किए गए हैं. एन्यूमरेटर्स और सुपरवाइजर्स की नियुक्ति के लिए प्रदेशभर में 27,006 लोगों को 555 ट्रेनिंग बैच बनाकर ट्रेनिंग दी गई है. जो मकान सूचीकरण एवं मकान के गणना का काम करेंगे.
प्रदेश भर के सभी नगर निगमों में हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स की स्थिति-
- देहरादून नगर निगम में कुल 1,948 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 1,948 एन्यूमरेटर्स और 339 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
- ऋषिकेश नगर निगम में कुल 170 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 170 एन्यूमरेटर्स और 29 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
- श्रीनगर नगर निगममें कुल 58 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 58 एन्यूमरेटर्स और 10 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
- कोटद्वार नगर निगम में कुल 244 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 250 एन्यूमरेटर्स और 42 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
- पिथौरागढ़ नगर निगम में कुल 143 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए है, जिसके लिए 143 एन्यूमरेटर्स और 23 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
- अल्मोड़ा नगर निगम में कुल 89 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 72 एन्यूमरेटर्स और 12 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
- हल्द्वानी नगर निगम में कुल 674 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 673 एन्यूमरेटर्स और 113 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
- काशीपुर नगर निगम में कुल 317 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 317 एन्यूमरेटर्स और 60 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
- रुद्रपुर नगर निगम में कुल 564 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 564 एन्यूमरेटर्स और 94 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
- रुड़की नगर निगम में कुल 350 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 345 एन्यूमरेटर्स और 59 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
- हरिद्वार नगर निगम में कुल 444 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 425 एन्यूमरेटर्स और 71 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
एक प्रगणक को करीब 150 से 200 घर अलॉट: दरअसल, जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकान के गणना का कार्य 25 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है. इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना करेंगे. इसके लिए चयनित प्रगणकों को करीब 150 से 200 घर अलॉट किए गए हैं. लिहाजा, अगले एक महीने के भीतर यानी 24 मई तक मकान की सूचीकरण एवं मकान की गणना का काम करना है.
क्या प्रगणकों को मिलेगी छुट्टी? जनगणना कार्य के दौरान प्रगणकों को रिलीव नहीं किया जा सकता है. हालांकि, ये जरूर है कि वो जरूरी कामों के लिए जा सकते हैं. जनगणना कार्य निदेशालय का मानना है कि जनगणना का कार्य पार्ट टाइम ड्यूटी है. लिहाजा, वो अपने अन्य कामों के साथ भी इस काम को भी आसानी से कर सकते हैं. क्योंकि, उन्हें इस काम को करने के लिए एक महीने का समय दिया जा रहा है.
उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना की प्रक्रिया शुरू होने से पहले जनता को स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प दिया गया. 10 अप्रैल से शुरू हुए स्वगणना की प्रक्रिया आज यानी 24 अप्रैल को पूरी हो गई है. 24 अप्रैल की सुबह 10 बजे तक उत्तराखंड के कुल 62,626 परिवारों ने स्वगणना किया है.
उत्तराखंड राज्य में 62,626 परिवारों ने किया स्वगणना-
ऐसे में 25 अप्रैल से शुरू होने जा रहे मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना के कार्य के दौरान, इन सभी परिवारों को घर आए प्रगणक को सिर्फ SE ID (Self Enumeration ID) देना होगा. ऐसे में जब प्रगणक अपने मोबाइल एप्लीकेशन में इस आईडी को डालेगा तो परिवार की ओर से भरी गई सभी जानकारियां उसे एप्लीकेशन में डाउनलोड हो जाएगी. जिसकी पुष्टि करने के बाद प्रगणक सबमिट कर देगा.
“25 अप्रैल से प्रगणक डोर टू डोर जाएंगे और गणना करेंगें. इस दौरान तय 33 सवालों के जवाब को एप के जरिए भरेंगे. अगर किसी को कोई परेशानी होती है या फिर कुछ क्वेरी भी होती है तो वो टोल फ्री नंबर 1855 पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं.“- इवा आशीष श्रीवास्तव, निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड
“मकान सूचीकरण एवं जनगणना के कार्य के दौरान किसी भी तरह के डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं है. ऐसे में परिवार के मुखिया की ओर से जो भी जानकारी दी जाएगी, इस जानकारी को ही प्रगणक की ओर से भरा जाएगा.“- इवा आशीष श्रीवास्तव, निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड
प्रगणक को उपलब्ध कराएं सही जानकारी: जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने जनता से अपील करते हुए कहा कि ये जानकारी क्षेत्र के विकास की स्थिति को जानने के लिए काफी जरूरी है. ऐसे में वो सही जानकारी ही प्रगणक को उपलब्ध कराएं.
किसी परिवार नहीं मांगी जाएगी ओटीपी: घर-घर जाने वाले प्रगणक के पास जनगणना का निदेशालय का एक आईकार्ड भी होगा और जनगणना के दौरान कोई भी ओटीपी किसी भी परिवार से नहीं मांगी जाएगी. हालांकि, मोबाइल नंबर इसलिए मांगा जा रहा है कि अगर कभी किसी जानकारी की पुष्टि करनी हो तो आपसे संपर्क किया जा सके.