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July 25, 2026

Doon Daily News

आवाज़ उत्तराखंड की

Uniform Civil Code पर फ‍िर उत्‍तराखंड सीएम ने दिया बड़ा बयान, कहा- जल्‍द लागू होगा; इन्‍हें मिलेगा सबसे ज्‍यादा फायदा

देवभूमि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता अधिनियम जल्द लागू होगा। विधानसभा से पारित इस विधेयक को राष्ट्रपति भवन से मंजूरी मिल गई है। अब राज्य को यह कानून मिल चुका है। इसमें शामिल विभिन्न प्रविधानों के लिए नियमावलियां तैयार करने को गठित कमेटी अपने काम में जुटी है। कमेटी से ड्राफ्ट मिलने और इसका परीक्षण कराने के बाद राज्य में इस कानून को धरातल पर उतारा जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को आयोजित पत्रकारों वार्ता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस कानून में महिलाओं के साथ ही बच्चों व पुरुषों, सभी के अधिकार सुरक्षित किए गए हैं। इसके लागू होने से जटिलताएं दूर होंगी। साथ ही जो लोग संदेह कर रहे हैं, कानून के लागू होने पर उनका संदेह दूर हो जाएगा।

दो साल की उपलब्धियों और निर्णयों की जानकारी साझा की
मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार रोड स्थित भाजपा के प्रदेश चुनाव मीडिया सेंटर में हुई पत्रकार वार्ता में पिछले दो साल की उपलब्धियों और निर्णयों की जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि जो वादे और संकल्प सरकार ने रखे थे, उन्हें पूरा करने की दिशा में तेजी से हम आगे बढ़े हैं। इस कालखंड में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। जोशीमठ आपदा, सिलक्यारा सुरंग हादसा जैसी चुनौतियां भी आईं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इनसे पार पाने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। समान नागरिक संहिता में महिलाओं के अधिकार सुरक्षित किए गए हैं तो राज्याधीन सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रविधान किया गया है। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने को लखपति दीदी समेत अन्य कई योजनाएं संचालित की गई हैं। राज्य के स्थानीय उत्पादों के अंब्रेला ब्रांड हाउस आफ हिमालयाज से भी महिला समूहों के उत्पादों को जोड़ा जा रहा है।

सख्त नकलरोधी कानून
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में वर्षों से जो अपराध हो रहा था, उस पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकलरोधी कानून लाया गया है। नकल माफिया को सलाखों के पीछे भेजा गया है। देवभूमि में जबरन मतांतरण रोकने के लिए कानून को अधिक सख्त बनाया गया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के शांत वातावरण में हिंसा, उपद्रव के लिए कोई जगह नहीं है। इसे देखते हुए दंगे व उपद्रव कर सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने वालों से इसकी भरपाई की वसूली को कानून लाया गया है। उन्होंने सरकार की अन्य उपलब्धियों का भी विस्तार से ब्योरा रखा।