उत्तराखंड में बनेगा अगली पीढ़ी का डाटा सेंटर, विकसित किया जाएगा एआइ मिशन एक्सीलेंस सेंटर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी को और मजबूत कर भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए कई बड़े कदमों की घोषणा की। इनमें अगली पीढ़ी के डाटा सेंटर की स्थापना की जाएगी। साथ में एआइ मिशन एक्सीलेंस सेंटर विकसित होगा। सुशासन को केंद्र में रखकर नेक्स्ट-जनरेशन रिमोट सेंसिंग एवं ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर तैयार किया जाएगा। विशिष्ट आइटी कैडर की स्थापना कर डाटा सेंटर को फुलप्रूफ बनाया जाएगा। पिछले दिनों राज्य सरकार के डाटा पर साइबर आक्रमण हुआ था। इसे देखते हुए अब सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी को और सुदृढ़ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को तकनीकी रूप से सक्षम राज्य बनाने के लिए सरकार हिल से हाइटेक के मंत्र पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान ने देश में तकनीकी और नवाचार का व्यापक विस्तार किया है। उत्तराखंड भी इस दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
डिजिटल उत्तराखंड एप का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने डिजिटल उत्तराखंड एप शुरु किया, जो नागरिकों को घर बैठे कई सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह एप सरकारी सेवाओं को एकीकृत, सरल और सुलभ बनाने के साथ ही विभिन्न गतिविधियों की आनलाइन मानिटरिंग भी सुनिश्चित करेगा।
सुगम प्लेटफार्म पर आधारित 66 नई वेबसाइट का उद्घाटन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सुगम प्लेटफार्म पर आधारित 66 नई सरकारी वेबसाइटों का उद्घाटन भी किया। इन वेबसाइटों के माध्यम से विभागीय जानकारी सुरक्षित, तेज और पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुंचेगी। इसके अलावा, नगरीय क्षेत्रों में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए जीआइएस आधारित वेब एप, अतिक्रमण की निगरानी के लिए वेब-आधारित एप्लीकेशन और 1905 सीएम हेल्पलाइन में एआइ अनुप्रयोग नवाचार की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि अतिक्रमण निगरानी एप के माध्यम से कोई भी नागरिक तस्वीर या वीडियो अपलोड कर सकेगा, जिस पर विभाग तत्काल जांच और कार्यवाही करेगा और पूरी प्रक्रिया आनलाइन ट्रैक की जा सकेगी।
अपणी सरकार पोर्टल पर 886 सेवाएं उपलब्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आनलाइन शिक्षा, ई-स्वास्थ्य सेवा और भूलेख डिजिटलीकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल, सीएम डैशबोर्ड, स्मार्ट क्लासरूम, ई-लर्निंग प्लेटफार्म, टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी जैसी सेवाओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। अपणी सरकार पोर्टल पर 886 सेवाएं आनलाइन उपलब्ध हैं और 95 प्रतिशत गांवों में दूरसंचार कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है।