उत्तराखंड के 12 जिलों में स्कूली छात्रों को मिलेंगे आधुनिक खेल परिसर, खर्च होंगे 5.31 करोड़

प्रदेश के हजारों स्कूली खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने का अवसर मिलेगा। स्कूलों में खेल मैदान के अभाव में विभिन्न खेलों के अभ्यास से वंचित छात्र-छात्राओं को तराशने के लिए शिक्षा विभाग ने प्रत्येक जिले में एक अत्याधुनिक खेल परिसर बनाने का निर्णय लिया है। समग्र शिक्षा के अंतर्गत खेल नवाचारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 12 जनपदों में एक-एक खेल के लिए आधुनिक खेल परिसर का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक चयनित जिले के एक राजकीय विद्यालय में 44.26 लाख की धनराशि से यह परिसर स्थापित किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन खेल परिसरों से विद्यार्थियों को खेल प्रशिक्षण के बेहतर अवसर मिलेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। हाकी खेल प्रशिक्षक अमित कटारिया का कहना है कि इससे छात्रों का शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होगा और टीम भावना का विकास होगा। प्रतियोगिताओं में भाग लेने से आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी। खेल परिसर में खेल विज्ञान, फिटनेस ट्रेनिंग और डाइट संबंधी मार्गदर्शन भी मिलेगा। इससे प्रतिभावान खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। अभिभावकों का मानना है कि इस पहल से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी रुचि बढ़ेगी। खेल विभाग उम्मीद जता रहा है कि आने वाले वर्षों में इसी से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलेंगे। यह परियोजना बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
शिक्षा विभाग तैयार करेगा कैलेंडर
शिक्षा विभाग को अपने-अपने जिले में खेल प्रशिक्षण समय स्कूलों के हिसाब से तय करना होगा। प्रदेशभर के करीब चार लाख छात्रों का एक ही खेल परिसरों में एक साथ आना संभव नहीं है, इसलिए तय दिन और समय के अनुसार अलग-अलग स्कूलों के छात्रों को बुलाने की व्यवस्था करनी होगी, इसके लिए खेल कैलेंडर बनाया जाएगा।
जिलेवार खेलों का विवरण इस प्रकार है
अल्मोड़ा (बैडमिंटन), बागेश्वर (बास्केटबाल), चमोली (वालीबाल), चंपावत (टेबल टेनिस), देहरादून (बैडमिंटन), हरिद्वार (हाकी), नैनीताल (फुटबाल), पौड़ी (टेबल टेनिस), पिथौरागढ़ (बाक्सिंग), टिहरी (कबड्डी), उधमसिंह नगर (फुटबाल) और उत्तरकाशी (रेसलिंग)