January 12, 2026

Doon Daily News

आवाज़ उत्तराखंड की

मोदी और धामी की केमिस्ट्री से आपदा राहत की जमीन होगी मजबूत, प्रदेश को मिलेगा पैकेज

21वीं सदी के तीसरे दशक में उत्तराखंड को संवारने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मूल मंत्र पर आगे बढ़ रही धामी सरकार को आपदा से निपटने में डबल इंजन का भरपूर साथ मिला है। प्रधानमंत्री मोदी इस नाजुक घड़ी में मुख्यमंत्री धामी के साथ खड़े ही नजर नहीं आए, बल्कि आपदा प्रभावितों के साथ ही सरकार को भी ठोस सहायता देकर ढाढस बंधाया। आपदा के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर धामी ने राहत कार्यों की मजबूत जमीन तैयार की तो प्रधानमंत्री ने भी पैकेज देने में देर नहीं लगाई। मोदी और धामी की इस केमिस्ट्री ने उत्तराखंड की उम्मीदों में नई जान फूंकी है। प्रधानमंत्री मोदी 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड की सदी बता चुके हैं। प्रदेश को संवारने में उनकी व्यक्तिगत रुचि का अंदाजा इससे लग सकता है कि गत वर्ष दिसंबर माह में राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने पर बल दिया। मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री से मिले मंत्र पर कदम आगे बढ़ाने में देर नहीं लगाई। इससे उत्साहित प्रधानमंत्री पथ प्रदर्शक के रूप में इसी वर्ष गत छह मार्च को उत्तराखंड दौरे पर आए। शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के पीछे उत्तराखंड को संवारने की उनकी सोच का गवाह गंगोत्री धाम का मुख्य पड़ाव धराली भी बना था। तब हर्षिल से उन्होंने धराली को निहारा था। वहीं, धराली अब मलबे से पटा है। अगस्त के पहले सप्ताह में धराली में आपदा आई तो मुख्यमंत्री धामी अपने अन्य कार्यक्रमों को बीच में छोड़कर तुरंत धराली पहुंचे। उत्तरकाशी में डेरा डालकर उन्होंने आपदा राहत कार्यों की जमीन तैयार की।
धराली के साथ में प्रदेश के अन्य हिस्सों को भी आपदा ने घाव दिए तो धामी पीड़ितों के बीच पहुंचे। गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी के सामने आपदा प्रभावितों ने मुख्यमंत्री धामी की इस तत्परता की न सिर्फ तारीफ की, बल्कि बताया कि मुख्यमंत्री के मौके पर पहुंचने से उन्हें तेजी से राहत मिल पाई।
धामी की इस सक्रियता के गुरुवार को प्रधानमंत्री भी कायम दिखे। इससे पहले धामी ने जब उत्तरकाशी जिले में सिलक्यारा सुरंग दुर्घटना में ऐसी ही तत्परता दिखाई थी। मोदी ने तब भी उनकी पीठ थपथपाने में देर नहीं लगाई थी।

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