April 6, 2026

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Rishikesh: आज पशुलोक बैराज पर सी-प्लेन उतारने की तैयारी, ट्रायल अहम; उत्तराखंड में पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

ऋषिकेश/देहरादून: उत्तराखंड में पर्यटन और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है। UJVN Limited (यूजेवीएन लिमिटेड) की ओर से सोमवार सुबह करीब 11 बजे Pashulok Barrage पर सी-प्लेन उतारने का ट्रायल किया जाएगा। इस परीक्षण को प्रदेश में सी-प्लेन सेवा शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रायल के जरिए जल सतह पर विमान संचालन की व्यवहारिकता, सुरक्षा मानकों और तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। यदि यह परीक्षण सफल रहता है, तो भविष्य में राज्य के विभिन्न जलाशयों, झीलों और नदियों से सी-प्लेन सेवा संचालित करने का रास्ता साफ हो जाएगा।

उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों के कारण देश-विदेश के पर्यटकों के बीच पहले से ही लोकप्रिय है। ऐसे में सी-प्लेन सेवा शुरू होने से पर्यटन को नया आयाम मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर ऐसे दुर्गम और दूरस्थ इलाके, जहां सड़क या पारंपरिक हवाई सेवाओं की पहुंच सीमित है, वहां तक पर्यटक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि पर्यटकों को एक नया और रोमांचक अनुभव भी मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस सेवा से राज्य में हाई-एंड टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। सी-प्लेन के जरिए पर्यटक सीधे जलाशयों के किनारे स्थित पर्यटन स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे उनकी यात्रा अधिक आरामदायक और आकर्षक बनेगी। इसके साथ ही होटल, गाइड, परिवहन और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी फायदा होगा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

स्थानीय लोगों के लिए भी यह पहल कई मायनों में लाभकारी साबित हो सकती है। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होने से छोटे व्यापारियों, हस्तशिल्प कारीगरों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों की आय में इजाफा होने की संभावना है। इसके अलावा, सरकार इस परियोजना को स्वरोजगार को बढ़ावा देने के अवसर के रूप में भी देख रही है।

सी-प्लेन सेवा का एक महत्वपूर्ण पहलू आपदा प्रबंधन से भी जुड़ा है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में अक्सर प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं, जिनमें राहत और बचाव कार्यों के लिए त्वरित पहुंच बेहद जरूरी होती है। ऐसे में सी-प्लेन के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों तक तेजी से पहुंचा जा सकता है, जिससे राहत कार्यों में गति आएगी और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा।

राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां इस परियोजना को आधुनिक परिवहन प्रणाली के विस्तार के रूप में देख रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल के दौरान प्राप्त अनुभव और आंकड़ों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो आने वाले समय में उत्तराखंड देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो सकता है, जहां सी-प्लेन सेवा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।

फिलहाल, सभी की निगाहें इस ट्रायल पर टिकी हैं, जिसे प्रदेश के पर्यटन और विकास की दिशा में एक गेमचेंजर के रूप में देखा जा रहा है।