March 1, 2026

Doon Daily News

आवाज़ उत्तराखंड की

ऋषिकेश वन भूमि विवाद: धरने पर पहुंचे हरीश रावत, कहा- ‘दशकों से बसे परिवारों को उजाड़ना पाप’

ऋषिकेश। ऋषिकेश के वन भूमि प्रकरण को लेकर चल रही आमसभा व धरने में पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हजारों प्रभावित परिवारों की मांग का समर्थन किया।

इस दौरान पूर्व सीएम रावत ने कहा कि जनता वोट देकर अपना विधायक, सांसद व सरकार को चुनती है, लेकिन जब जनता को ही दौड़ लगानी पड़े तो जनप्रतिनिधियों का क्या काम है।

उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि शीघ्र विधानसभा का विशेष संत्र बुलाए और प्रभावितों की मांग को पूरा करें। साथ ही प्रभावित परिवारों की कानूनी लड़ाई सरकार लड़े।

शनिवार को बापू ग्राम में आयोजित बापू ग्राम बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे धरने में पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि जब किसी के घर पर संकट आता है तो उनकी नींद उड़ जाती है।

हजारों प्रभावित परिवार भी इसी पीड़ा से जूझ रहे हैं। कहा कि प्रदेश सरकार को इस प्रकरण में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य से प्रभावित परिवारों को अपनी कानूनी लड़ाई खुद लड़नी पड़ रही है।
खड़े रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती, लेकिन क्षेत्रीय विधायक व सांसद को प्रभावितों के लिए संघर्ष करना चाहिए।

कहा कि उन्होंने वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री रहते हुए भूमि में 10 वर्ष या इससे अधिक समय से रह रहे परिवारों को मालिकाना हक देने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया था।

उन्होंने प्रदेश सरकार से आमजन हित में विधानसभा सत्र बुलाने व बापू ग्राम समेत सभी प्रभावित क्षेत्रों की वन भूमि को राजस्व क्षेत्र घोषित करने की मांग की।

इस दौरान कई पार्षदों ने संयुक्त रूप से पूर्व सीएम को ज्ञापन सौंपा। पूर्व सीएम रावत ने कहा कि वह इस ज्ञापन से मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को अवगत कराएंगे।

हजारों परिवारों का घर बचाने के लिए सड़क पर उतरना दुर्भाग्यपूर्ण
पूर्व काबीना मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने कहा कि सरकार को बापूग्राम वासियों की मांग को पूरा करने के लिए प्रस्ताव कैबिनेट में रखना चाहिए था।

कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राकेश सिंह मियां ने कहा कि हजारों परिवारों का घर बचाने के लिए सड़क पर उतरना दुर्भाग्यपूर्ण है। जयेंद्र रमोला ने कहा कि नागरिकों ने सरकार को चुना है। सरकार से सवाल करना हर नागरिक का अधिकार व कर्तव्य है।