TET के विरोध में देश के पच्चीस लाख शिक्षक भरेंगे दिल्ली में हुंकार
TET के विरोध में देश के पच्चीस लाख शिक्षक भरेंगे दिल्ली में हुंकार, 23 से 25 फरवरी तक काली पट्टी बांधकर दर्ज करेंगे विरोध
बेसिक शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य किए जाने के फैसले के खिलाफ देशभर के शिक्षक आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के एक सितंबर, 2025 के फैसले के बाद करीब 25 लाख शिक्षकों में असंतोष है। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी की अनिवार्यता वर्ष 2011 से लागू हुई थी, जबकि उससे पहले नियुक्त शिक्षक अपनी निर्धारित योग्यता के आधार पर सेवा में आए थे, इसलिए उन्हें इससे छूट मिलनी चाहिए।
अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुभाष चौहान ने कहा कि शिक्षकों को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत देगी, लेकिन इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसके विरोध में देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की गई।
उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 23 से 25 फरवरी तक शिक्षक काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करेंगे। 26 फरवरी को जिला मुख्यालयों में मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए मार्च के अंतिम सप्ताह में दिल्ली के जंतर-मंतर या रामलीला मैदान में देशव्यापी प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीईटी थोपना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलन का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। उत्तराखंड के शिक्षकों से भी आंदोलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील की गई है।
