उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में 18 फरवरी से होगी जनसुनवाई, फिर तय होंगी बिजली की नई दरें
देहरादून। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने राज्य में प्रस्तावित बिजली दरों को लेकर जनसुनवाई का कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिससे आने वाले वित्तीय वर्ष में घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं की बिजली दरें तय होंगी।
आयोग के समक्ष उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल), पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पीटीसीयूएल), उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) ने अपनी वित्तीय याचिकाएं दाखिल की हैं, जिनमें वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए ट्रूइंग-अप, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक अनुपालन समीक्षा (एपीआर) तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) और टैरिफ प्रस्ताव शामिल हैं।
इन याचिकाओं पर आम उपभोक्ताओं, संस्थाओं और अन्य हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां लेने के लिए आयोग राज्य के विभिन्न जिलों में जनसुनवाई आयोजित करेगा। इसके तहत 18 फरवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक कर्णप्रयाग के क्षेत्र पंचायत विकास खंड सभागार में, 20 फरवरी को इसी समयावधि में मुनस्यारी के विकासखंड सभागार में, 23 फरवरी को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक रुद्रपुर (उधमसिंह नगर) स्थित विकास भवन सभागार में और 27 फरवरी को देहरादून स्थित उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के सुनवाई कक्ष में जनसुनवाई होगी।
आयोग ने आम जनता, घरेलू उपभोक्ताओं, औद्योगिक इकाइयों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से अपील की है कि वे प्रस्तावित बिजली दरों पर अपने विचार, सुझाव और आपत्तियां इन जनसुनवाइयों में रखें, ताकि टैरिफ निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी रहे और इसमें जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुनवाइयों के बाद ही अंतिम बिजली दरें तय की जाएंगी, जो अगले वित्तीय वर्ष से लागू होंगी।
