उत्तराखंड में महिलाओं-युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों को मिलेगा रोजगार, धामी सरकार ने बनाया ये प्लान

प्रदेश में युवाओं, महिलाओं और भूतपूर्व सैनिकों को रोजगार से जोड़ने, कौशल विकास करने और सरकारी व निजी संस्थानों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। कैबिनेट ने इनके लिए अलग-अलग नीति बनाने को मंजूरी प्रदान की है। इन तीनों पर शीघ्र ही विस्तृत चर्चा के बाद नीति बनाई जाएगी।
साथ ही कैबिनेट ने निर्णय लिया कि अब किसी भी विभाग में 15 से अधिक पदों के सृजन का प्रस्ताव पहले विभागीय संरचना व वेतन विसंगति समिति में भेजा जाएगा। उत्तराखंड अपराध से पीडि़त सहायता (संशोधन) योजना और उत्तराखंड साक्षी संरक्षण योजना को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गैरसैंण में हुई बैठक में छह प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। कैबिनेट में युवा कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री युवा योजना-प्रतियोगिता परिक्षाओं की तैयारी पर प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया गया कि युवाओं को दो चरणाें में आनलाइन परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। पहले चरण में इंजीनियरिंग, मेडिकल व विधि की तैयारी और दूसरे चरण में सिविल सर्विसेज व बैंकिंग मैनेजमेंट की तैयारियां कराई जाएंगी। इसमें 10 हजार बच्चों को आनलाइन माध्यम से तैयारी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराने वाले नामी संस्थानों से करार किया जाएगा। इसका उद्देश्य दूर दराज में रहने वाले युवाओं के लिए रोजगार का मार्ग प्रशस्त करना है। देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत युवाओं को उद्यमिता व स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। साथ ही उद्योगों में रोजगार सृजित करने के लिए आइटीआइ के माध्यम से युवाओं को 50 प्रतिशत कक्षा शिक्षण और 50 प्रतिशत पाठ्यक्रम औद्योगिक प्रशिक्षण के माध्यम से कराया जाएगा। साथ ही युवाओं को नर्सिंग के अलावा अन्य विषयों के कोर्स के माध्यम से विदेश में रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही एकीकृत कैंपस बनाने की व्यवस्था बनाई जाएगी। जहां डिग्री कालेज, पालीटेक्निक और आइटीआइ एक ही कैंपस में होंगे। यहां की लैब साझा रूप से इस्तेमाल की जाएगी। साथ ही युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने के लिए अलग-अलग कालेजों से करार किया जाएगा। इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए 28 अगस्त को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक करने का भी निर्णय लिया गया।
महिला सशक्तीकरण विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मौन पालन, एप्पल मिशन और बागवानी के लिए हर ब्लाक में 200 व्यक्तियों को प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया। साथ ही राज्य के स्थानीय उत्पादों, फल, सब्जी, दूध की खरीद के लिए कृषि विभाग और आईटीबीपी के बीच हुए करार की तरह ही अन्य एजेंसियों के साथ करार करने पर सहमति बनी।
सैनिक कल्याण विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव में भूतपूर्व सैनिकों को रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकारी योजनाओं से जोड़ने और विभिन्न संस्थानों में उनकी योग्यता पर आधारित सेवाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य करने पर सहमति बनी।